ई-पेपरग्राम पंचायतपश्चिम बंगालबिहारराज्यो की खबरेंलाइव वीडियो

सात निश्चय-2 के तहत् राज्य में 292.23 लाख रूपये की लागत से संचालित होगी शुष्क बागवानी योजना :   अमरेन्द्र प्रताप सिंह

पटना ,(संवाददाता) :  कृषि  मंत्री    अमरेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि बिहार सरकार द्वारा सात निश्चय-2 के तहत् सूक्ष्म सिंचाई आधारित शुष्क बागवानी योजना 292.23 लाख रूपये की लागत पर 3 वर्षाें हेतु स्वीकृति प्रदान की गयी है। उन्होंने कहा कि गत वर्ष शुष्क बागवानी योजना के तहत् 566 हेक्टेयर क्षेत्र में विस्तार किया गया तथा इस वर्ष इस योजना के अंतर्गत 875 हेक्टेयर क्षेत्र का विस्तार किया जायेगा। इस योजना के अंतर्गत किसान, फलदार पौध हेतु अधिकत्तम 4 हेक्टेयर तथा न्यूनत्तम 0.1 हेक्टेयर के लिए आवेदन कर सकते हैं। योजना का कार्यान्वयन कृषक अपने खेत के मेड़ पर भी करवा सकते हैं। इस योजना का लाभ उन किसानों को देय होगा, जो अनिवार्य रूप से ड्रिप सिंचाई संस्थापित किए हों अथवा जिनके द्वारा ड्रिप सिंचाई का संस्थापन का कार्य कराया जा रहा हो। इस योजनान्तर्गत कम पानी में होने वाले शुष्क फलों हेतु 0.60 लाख रूपये प्रति हेक्टेयर तीन वार्षिक किस्तों में लागत और रोपण सामग्री के मद में होने वाले व्यय को पूरा करने के लिए अधिकत्तम 0.30 लाख रूपये प्रति हेक्टेयर अथवा लागत का 50 प्रतिशत अनुदान के रूप में दी जाएगी।माननीय मंत्री ने कहा कि फल पौधों के बीच के खाली अन्तराल के लिए इच्छानुसार, 7500 सब्जी पौधा प्रति हेक्टेयर एकीकृत उद्यान विकास योजना से किसानों की माँग अनुरूप उपलब्ध कराया जायेगा। शुष्क बागवानी के फल पौधों के बढ़ने के पूर्व किसान सब्जी पौधों से आमदनी प्राप्त कर लाभ उठा सकते हैं। उन्होंने कहा कि सेंटर आॅफ एक्सेलेंस, चण्डी, नालंदा से एकीकृत उद्यान विकास योजना द्वारा संकर प्रभेद के टमाटर, बैगन, मिर्च, पत्तागोभी, फूलगोभी एवं लत्तीदार सब्जियों के पौध किसानों को उपलब्ध कराया जायेगा। शुष्क बागवानी के सभी क्षेत्रों पर अनिवार्य रूप से ड्रिप सिंचाई संस्थापन का कार्य किया जायेगा, जिस कृषक के प्रक्षेत्र में पूर्व से ही ड्रिप सिंचाई का कार्य किया गया है, वैसे कृषकों के लिए पुनः ड्रिप सिंचाई संस्थापन करवाना अनिवार्य नहीं है, जो प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना अन्तर्गत अनुदानित दर पर किया जायेगा एवं किसानों के आवश्यकतानुसार, सामुदायिक नलकूप का भी अधिष्ठापन किया जायेगा, जो राज्य स्कीम मद से संचालित सामुदायिक नलकूप योजना अन्तर्गत 100 प्रतिशत अनुदान से प्रतिपूरित किया जायेगा। सामुदायिक नलकूप योजना का लाभ समूह में योजना लेने वाले किसानों को ही दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी 38 जिलों के लिए शुष्क बागवानी फसल के लिए किसानों का चयन कर इस योजना का क्रियान्वयन कराया जायेगा। जिलावार योजना संचालन हेतु 2400 कृषकों को सेंटर ऑफ एक्सेलेंस द्वारा प्रशिक्षण भी दिया जायेगा। आवेदन के जाँच उपरांत सभी शत्र्ताें को पूरा करने वाले किसानों को कार्यादेश देते हुए सेंटर आॅफ एक्सेलेंस, देसरी, वैशाली से फल पौध यथा आँवला, बेर, जामुन, कटहल, बेल, अनार, नींबू एवं मीठा नींबू आदि कृषकों को उपलब्ध कराया जायेगा। उन्होंने कहा कि कृषक अपनी इच्छानुसार, फल पौध का चयन करने के लिए स्वतंत्र होंगे। फल पौध के अनुदान की राशि योजना की राशि से काटकर सेंटर आॅफ एक्सेलेंस, देसरी, वैशाली को उपलब्ध कराया जायेगा।श्री सिंह ने कहा कि शुष्क बागवानी योजना का मूल उद्देश्य फलों का क्षेत्र विस्तार करते हुए वैसे फल पौध, जो सामान्यतः कम मात्रा में राज्य में लगाए जाते हैं, उसे आम लोगों को उपलब्ध कराना है।

Tags

Related Articles

Close