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संविधान दिवस पर पैग़ाम ए इंसानियत मुस्लिम समुदाय ने लिया देश की रक्षा के लिए शपथ

शांति, सौहार्द और भाईचारे के बीच भारतीय संविधान का पालन करेंगे हर नागरिक

औरंगाबाद, (संवाददाता): संविधान दिवस पर शपथ लिया गया और पैग़ाम इंसानियत के मुस्लिम समुदाय के अध्यक्ष मोहम्मद शाहनवाज रहमान उर्फ सल्लू खान, मदरसा के धर्मगुरु मुफ्ती मोहम्मद अफसर रजा क़ादरी,अब्दुल कुद्दूस क़ादरी, पठान टोली मस्जिद इमाम गुलाम रसूल अहमद कादरी, झंडा मस्जिद मौलाना मोहम्मद असरार कादरी, आज़ाद नगर मौलाना मुन्तजिर क़ादरी, मोहम्मद रहीम क़ादरी, वार्ड परिषद सिकंदर हयात, मो जुल्फिकार, मो शहाबुद्दीन उर्फ नन्हे शहर के झंडा मस्जिद स्थित दारुल उलूम फैजान ए सायादना मदरसा में लोगों ने सभी मुस्लिम समुदाय के लोगों के बीच संविधान दिवस पर देश का मजबूती और रक्षा के लिए शपथ लिया गया। शपथ दिलाते हुए मुस्लिम समुदाय के मोहम्मद शाहनवाज रहमान उर्फ सल्लू खान, मोहम्मद अफसर रजा कादरी, गुलाम रसूल अहमद कादरी ने पढ़ा जिसमें सभी सद्भावना के साथ आपस में एकता बनाकर रखें। सल्लू खान ने कहा कि दरअसल जब देश से अंग्रेजों का शासन काल खत्म होने वाला था तब भारत को एक ऐसे कानूनी किताब की जरूरत थी जिससे देश में रहने वाले सभी धर्म के लोगों के बीच एकता समानता बनी रहे इस किताब की जरूरत थी ताकि देश एकजुट हो और सभी लोगों को बिना भेदभाव के सभी अधिकार मिले जिसे देखते हुए स्वतंत्रता सेनानियों के बीच संविधान बनाने की मांग उठने लगी जब देश आजाद होने वाला था तो एक संविधान सभा के गठन की मांग उठने लगी इस सभा की पहली बैठक 1946 में 9 दिसंबर के दिन हुई संसद भवन के सेंट्रल हॉल में हुई इस बैठक में 207 सदस्य मौजूद थे बातें चली कि जब संविधान सभा का गठन हुआ तो उस वक्त सभा में 389 सदस्य थे लेकिन बाद में उनकी संख्या कम होकर 299 हो गई ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि आजादी के बाद जब देश का विभाजन हुआ तो कुछ रियासतें सभा का हिस्सा नहीं रहे और सदस्यों की संख्या घट गई। कहते हैं किकोई भी मजहब नफरत की शिक्षा नहीं देता चाहे हिंदू धर्म और इस्लाम हो इसाई हो मैंने किसी धर्म में नफरत नहीं देखी हर मजहब इंसानियत का पैगाम देता है हमें ईश्वर का शुक्रगुजार होना चाहिए कि हम उसने हमें इंसान बनाया है वह हमें जानवर ही बना सकता था ईश्वर ने हमें इंसान बनाया था कि हम नेक काम करें उसे इंसान बनाने के साथ ही हमें जिम्मेदारियां भी दी है इंसान होने के नाते यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम अपने आसपास रहने वालों की मदद करें उनका ख्याल रखें ना कि उनका खून बहाए।इस मौके पर मोहम्मद नूर मोहम्मद इबरार मोहम्मद मुमताज अमन खान मोहम्मद अकबर मोहम्मद गयासुद्दीन मोहम्मद विराट टीका खान मोहम्मद शेख सत्तार मोहम्मद निजाम मोहम्मद निजामुद्दीन खान इरफान मोहम्मद डब्लू आदि उपस्थित थे।

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