ई-पेपरग्राम पंचायतझारखंडपश्चिम बंगालबिहारराज्यो की खबरेंलाइव वीडियो

सीएम के 15 साल में बढ़ा है बिहारियों का सम्मान : रामचन्द्र प्रसाद सिंह

आम लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने की योजना पर काम कर रहे है मुख्यमंत्री

पटना, (संवाददाता): केंद्रीय मंत्री और पूर्व जेडीयू अध्यक्ष आरसीपी सिंह ने नीतीश सरकार के 15 साल बेमिसाल पर ट्वीट करते हुए नीतीश कुमार को बधाई दी है। केन्द्रीय मंत्री आरसीपी सिंह ने ट्वीट करते हुए लिखा है…”आज से 16 वर्ष पहले बिहार में हमारे  नेता,मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए सरकार का गठन हुआ था। उस दिन से लेकर आज तक नीतीश कुमार की सरकार ने हर क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य किए जिससे हमारे प्रदेश का चौमुखी विकास हुआ एवं बिहारियों का मान सम्मान और गौरव बढ़ा। “और लिखा कि “मै आदरणीय मुख्यमंत्री जी एवं एनडीए सरकार के सभी सम्मानित साथियों को अपनी शुभकामनाएं देता हूं। मुझे पूरा विश्वास है कि आपका जो संकल्प है – बिहार को विकसित राज्य बनाने का, उसे हम सब बिहारवासी मिलकर अवश्य पूरा करेंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के विजन की तारीफ हर जगह हो रही है। शराबबंदी के बाद समाज में बदलाव के लिए उन्होंने बाल विवाह और दहेज प्रथा के खिलाफ भी राज्यव्यापी अभियान चलाया है। इसके साथ-साथ भविष्य की चिंता करते हुए उन्होंने जल जीवन हरियाली योजना की शुरूआत की। जब तक जल और हरियाली है, तभी तक जीवन सुरक्षित है। जल और हरियाली के बिना मनुष्य हो या जीव-जंतु या पशु-पक्षी किसी के अस्तित्व की कल्पना नहीं की जा सकती है। जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को सीमित करने, पारिस्थिकीय संतुलन बनाए रखने और जल संरक्षण व संचयन के उद्देश्य से राज्य की सरकार ने जल जीवन हरियाली अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत 11 बिंदुओं की कार्ययोजना तैयार की गई है, जिस पर वर्ष 2022 तक 24,524 करोड़ रुपए खर्च किए जाने हैं। योजना को मिशन मोड में लागू किया जा रहा है। सभी जानते हैं कि एक पेड़ एक साल में 20 किलो धूल सोखता है। 700 किलो आॅक्सीजन छोड़ता है तो 20 हजार किलो कार्बन डाइआॅक्साइड सोखता है। गर्मियों में एक पेड़ के पास सामान्य से लगभग 4 डिग्री कम तापमान रहता है। इस तरह घर के पास 10 पेड़ लगे हों तो आदमी की उम्र 7 साल तक बढ़ जाएगी। मुख्यमंत्री आम लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने की योजना पर काम कर रहे हैं। उनके स्तर पर चलाया गया हर घर को नल का जल योजना की राष्ट्रीय स्तर पर तारीफ हुई और केंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन के तहत इस योजना को लिया है।श्री सिंह ने कहा कि  कोरोनकाल में जिस संयम के साथ मानव सेवा किया गया वो काबिल-ए-तारीफ है। कोरोना वैक्सीनेशन में बिहार टॉप छह राज्यों में शामिल है। राज्य में छह माह में छह करोड़ वैक्सीन लगाने का अभियान एक जुलाई 2021 से शुरू हुआ, जिसमें चार करोड़ टीकाकरण पूरा हो चुका है। जबकि टीकाकरण शुरू होने के बाद अब तक कुल 7.5 करोड़ लोगों को कोरोना वैक्सीन की डोज लग चुकी है। इसमें 5.25 करोड़ को एक डोज तो 2.25 करोड़ लोग पूरी तरह वैक्सीनेटेड हो गए हैं। दूसरी लहर में पूरे देश में हाहाकार मचा था बिहार में 165 कोविड केयर सेंटर में 11382 बेड की व्यवस्था की गई थी, इनमें 3359 आॅक्सीजनयुक्त बेड थे। 110 डेडिकेटेड कोविड हेल्थ सेंटर(डीसीएचसी) में 7871 बेड थे, जिसमें 5158 आॅक्सीजन युक्त तथा 90 आईसीयू व 81 वेंटिलेटर बेड रहे। 12 कोविड डेडिकेटेड अस्पताल में 3574 बेड थे जिसमें 3474  आॅक्सीजनयुक्त, 455 आईसीयू व 271 वेंटिलेटर बेड थे। इसके अतिरिक्त 239 निजी अस्पतालों में 5432 बेड उपलब्ध थे। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि बिहार शताब्दी मुख्यमंत्री बालिका पोशाक योजना के तहत नौवीं से 12वीं कक्षा तक की छात्राओं को पोशाक खरीदने के लिए 1500 रुपए दिए जा रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2019-20 में इस योजना के तहत 10,92,067 छात्राओं को 163.81 करोड़ रुपए की सहायता दी गई। इसी प्रकार मुख्यमंत्री बालिका साइकिल योजना के तहत नौवीं कक्षा में दाखिला लेने वाली हरेक छात्रा को तीन हजार रुपए की सहायता राशि दी जा रही है। वित्तीय वर्ष 2019-20 में इस योजना के तहत 5,26,100 छात्राओं को 157.83 करोड़ रुपए जारी किए गए। वहीं, मुख्यमंत्री बालिका प्रोत्साहन योजना के तहत बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की ओर से आयोजित मैट्रिक परीक्षा में प्रथम श्रेणी से पास करने वाली सामान्य व बीसी-2 श्रेणी की छात्राओं को 10 हजार रुपए दिए जा रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2019-20 में इस योजना के तहत 56,118 छात्राओं के बीच 56.12 करोड़ रुपए की राशि वितरित की गई है। इसी प्रकार सामान्य कोटि की कक्षा नौवीं व 10वीं की छात्राओं को 150 रुपए छात्रवृत्ति के रूप में दिए जा रहे हैं।  वर्ष 2005 से पहले बिहार में शिक्षा की क्या स्थिति थी, किसी से छुपी है क्या? हाईस्कूल नहीं होने के कारण बच्चियों को प्राथमिक कक्षाओं के बाद स्कूल छोड़ना पड़ता था। स्कूलों में ड्रेस न होने के कारण आने वाले बच्चों की संख्या काफी ज्यादा थी। ऐसे में स्कूल में बच्चों के लिए ड्रेस, किताब, शिक्षक और क्लासरूम की व्यवस्था का जो सिलसिला शुरू हुआ, अनवरत जारी है। बच्चियों के लिए शुरू की गई साइकिल योजना ने माध्यमिक शिक्षा की स्थिति में क्रांतिकारी बदलाव लाए। वहीं, उच्च शिक्षा के क्षेत्र में हर जिले तक इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज की संख्या में वृद्धि, विश्वविद्यालय व कॉलेजों की संख्या में नियमित इजाफा और उच्च शिक्षा में भी शिक्षकों की नियुक्ति की दिशा में कार्य चल रहे हैं। अब प्रदेश में आईआईटी भी है और आईआईएम भी। ट्रिपल आईटी, निफ्ट, चाणक्य राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, चंद्रगुप्त मैनेजमेंट संस्थान, आर्यभट्ट नॉलेज यूनिवर्सिटी जैसे संस्थानों ने प्रदेश की छवि को बदल कर रख दिया है।

Tags

Related Articles

Close