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शेर का बेटा हूं, लंबी लड़ाई के लिए तैयारःचिराग पासवान

पटना , (संवाददाता) : लोक जनशक्ति पार्टी में जारी भूचाल के बीच सांसद  चिराग पासवान ने  कहा कि मेरे पिता रामविलास पासवान जब जीवित थे तब भी जद (यू) लोजपा को बांटने के काम में लगी थी। जब मैं बीमार था तब भी साजिश रची गई। उन्होंने कहा कि बिहार चुनाव के दौरान, उससे पहले भी और उसके बाद भी कुछ लोगों द्वारा और खास तौर पर जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) द्वारा हमारी पार्टी को तोड़ने का प्रयास निरंतर किया जा रहा था। चिराग पासवान ने कहा कि मेरी पार्टी के पूरे समर्थन के साथ मैने चुनाव लड़ा। कुछ लोग संघर्ष के रास्ते पर चलने के लिए तैयार नहीं थे। मेरे चाचा ने खुद चुनाव प्रचार में कोई भूमिका नहीं निभाई। मेरी पार्टी के कई और सांसद अपने व्यक्तिगत चुनाव में व्यस्त थे। उन्होंने कहा कि दुख मुझे इस बात का है कि जब मैं बीमार था, उस समय मेरे पीठ पीछे जिस तरह से ये पूरा षड्यंत्र रचा गया। मैंने चुनाव के बाद अपने चाचा से संपर्क करने का, उनसे बात करने का निरंतर प्रयास किया। लोजपा नेता ने कहा कि कुछ जगह ख़बर चल रही है कि मुझे पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद से हटाया जा चुका है। लोक जनशक्ति पार्टी का संविधान कहता है कि पार्टी अध्यक्ष का पद सिर्फ दो परिस्थितियों में खाली हो सकता है या तो राष्ट्रीय अध्यक्ष का निधन हो या राष्ट्रीय अध्यक्ष इस्तीफा दें। उन्होंने कहा कि पार्टी के संविधान के अनुसार सिर्फ संसदीय दल और खुद राष्ट्रीय अध्यक्ष ही संसदीय दल के नेता को चुन सकता है, अगर चाचा कहते तो उन्हें संसदीय दल का नेता बना दिया जाता। अगर राष्ट्रीय अध्यक्ष की बात है तो संविधान के अनुसार अभी भी वही अध्यक्ष हैं। चिराग पासवान ने कहा कि मैं रामविलास पासवान का बेटा हूं, मैं शेर का बेटा हूं। पहले भी लड़ा था और आगे भी लड़ूंगा। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता हमारे साथ है, जनता दल यूनाइटेड की तरफ से बांटने की कोशिश की जा रही है। इन्होंने पहले भी दलितों को बांटने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि संसद में पार्टी का नेता कौन होगा, ये राष्ट्रीय अध्यक्ष ही तय कर सकता है।

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