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राम की तरह करें चुनौतियों का सामना, डरे नहीं: आरसीपी सिंह

पटना, (संवाददाता) : जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह ने रामनवमी के अवसर पर कार्यकर्ताओं के नाम संदेश जारी किया। अपनी शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने कहा कि यह दिन तभी सार्थक होगा जब हम समझ पाएंगे कि इस दिन के मायने क्या हैं। जहां तक मैंने समझा है, भगवान श्रीराम केवल मर्यादा पुरुषोत्त्तम ही नहीं उस शक्ति के प्रतीक भी हैं जिसके नौ रूपों की अराधना हम चैत्र नवरात्र के दौरान नवदुर्गा के रूप में करते हैं। उन्होंने कहा कि यह शक्ति हमारे भीतर ही छिपी होती है और देखा जाय तो चैत्र व शारदीय नवरात्र हमें उसी शक्ति को पहचानने और उसका आह्वान करने का अवसर देते हैं। इस शक्ति को हम भी भगवान राम की तरह धारण कर सकते है, बशर्ते कि अपने व्यक्तिगत और सार्वजनिक जीवन में उन मर्यादाओं, उन आदर्शों का पालन करें जिसका उन्होंने मानक स्थापित किया।

श्री सिंह ने कहा कि भारतीय चिन्तन परम्परा राम के बिना पूर्ण नहीं हो सकती। गांधी ने ‘रामराज्य’ की बात की तो लोहिया ने ‘सीतारामराज्य’ की, लेकिन राम दोनों जगह मौजूद हैं।  उन्होंने कहा कि समय के साथ संदर्भ बेशक बदल गए हों लेकिन चुनौतियां आज भी हैं। उन चुनौतियों से जूझना राजनीति का पहला धर्म होना चाहिए। हमारे नेता श्री नीतीश कुमार ने जिस सुशासन की परिकल्पना की और न्याय के साथ विकास का व्रत लिया, वह उन्हीं चुनौतियों से जूझने की कोशिश है। राजनीति को उन्होंने सामाजिक परिवर्तन का, समानता और सद्भाव का संदेश देने का जरिया बनाया, यह ‘राम’ को समझे बिना संभव ही नहीं था। जदयू के हर कार्यकर्ता को इसके लिए गर्व होना चाहिए कि हमारी पार्टी की जड़ों में इतने गहरे संस्कार हैं।

श्री सिंह ने आगे कहा कि आज संपूर्ण मानव जाति कोरोना के विरुद्ध संघर्षरत है। कोरोना के खिलाफ इस युद्ध में बिहार ने अतुलनीय धैर्य, साहस और सेवाभाव दिखाया है। कोरोना जांच हो, टीकाकरण हो, दवा और ऑक्सीजन की उपलब्धता हो या फिर अन्य राज्यों से लौटे श्रमिकों के लिए रोजगार का प्रबंधन, सरकार अपनी ओर से हरसंभव प्रयत्न कर रही है। हमें हर हाल में अपना भरोसा कायम रखना है। श्री सिंह ने सबसे अपील की है कि कोरोना से डरें नहीं, सावधान रहें। प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। हमारे साझे प्रयास से इस संकट पर हमारी विजय सुनिश्चित है। राम के जीवन और व्यक्तित्व से प्रेरणा लें, उन्हीं की तरह चुनौतियों का सामना करें और अपना आत्मविश्वास बनाए रखें। हमारी भक्ति हमारे मनोबल में दिखे, यही मेरी प्रार्थना है।

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