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झारखंड विधानसभा का बजट सत्र चढ़ा हंगामे की भेंट

रांची, (संवाददाता) : झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन आज विपक्षी सदस्यों की ओर से रोजगार, नियोजन नीति, मिलावटी किरासन तेल और बांग्लादेशी घुसपैठिये के मुद्दे को लेकर हंगामे के बीच वित्त वर्ष 2020-21 के लिए सभा में 7 हजार 321 करोड़ 54 लाख रुपये से अधिक का द्वितीय अनुपूरक बजट पेश किया गया। विधानसभा की कार्यवाही पूर्वाह्न 11 बजे शुरू होने के साथ ही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के मनीष जायसवाल ने हजारीबाग के सदर प्रखंड में जनवितरण प्रणाली की दुकानों के माध्यम से मिलावटी किरासन तेल का मुद्दा उठाते हुए कार्यस्थगन प्रस्ताव दिया। वहीं, भाजपा के ही नवीन जायसवाल ने नियोजन नीति और अनंत ओझा ने बांग्लादेशी घुसपैठियों का मुद्दे पर कार्यस्थगन प्रस्ताव पर चर्चा कराने की मांग की। भाजपा के अनंत ओझा ने पिछली सरकार में बनायी गयी नियोजन नीति का जिक्र करते हुए इससे तृतीय और चतुर्थ वर्ग की श्रेणियों में स्थानीय युवाओं को रोजगार मिल रहा था। उन्होंने इस मुद्दे पर दिये गये कार्यस्थगन प्रस्ताव पर चर्चा कराने की मांग की। लेकिन विधानसभा अध्यक्ष रविंद्र नाथ महतो ने इन सभी कार्यस्थगन प्रस्ताव को अमान्य कर दिया। जिसके कारण भाजपा के कई सदस्य वेल में आकर नारेबाजी करने लगे।

विधानसभा अध्यक्ष ने विपक्षी सदस्यों को काफी समझाने का प्रयास किया, लेकिन सदन में हंगामा होता देख विधानसभा अध्यक्ष ने  सभा की कार्यवाही दोपहर 12.30 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया। सभा की कार्यवाही पुन: शुरू होने पर भाजपा सदस्य फिर से वेल में आकर हंगामा करने लगे। विपक्षी सदस्यों के शोर-शराबे के कारण सभा में प्रश्नोत्तरकाल की कार्यवाही पूरी तरह से बाधित रही। हंगामे के बीच ही वित्त मंत्री डॉ. रामेश्वर उरांव ने वर्ष 2020-21 के लिए सभा में 7 हजार 321 करोड़ 54 लाख रुपये से अधिक का द्वितीय अनुपूरक बजट पेश किया।

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