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अर्थव्यवस्था की धीमी रफ्तार को एक बार फिर गति देने वाला बजट साबित होगा आम बजटः  वित्त मंत्री

दिल्ली, (संवाददाता) : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने  अगले वित्त वर्ष 2021-22 का केंद्रीय बजट लोकसभा के पटल पर पेश किया। निर्मला सीतारमण ने लगातार तीसरी बार आम बजट पेश किया है। कोरोना महामारी के संकट के बाद केंद्र सरकार का यह पहला बजट है। कोरोना लॉकडाउन के दौरान अर्थव्यवस्था कि धीमी रफ़्तार को एक बार फिर गति देने के लिए सभी की निगाहें इस बजट पर टिकी हैं। उन्होंने अपने बजट भाषण में आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत योजना का ऐलान करते हुए कहा सरकार ने कोविड-19 महामारी से निपटने के लिये आत्मनिर्भर पैकेज के तहत 27.1 लाख करोड़ रुपये की घोषणा की है। उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से 64180 करोड़ रुपये इसके लिए दिए गए हैं और स्वास्थ्य के बजट को बढ़ाया गया है। इसी के साथ सरकार की ओर से डब्लूएचओ के स्थानीय मिशन को भारत में लॉन्च किया जाएगा। उन्होंने कहा कि देशव्यापी लॉकडाउन के दौरान प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना शुरू की गई। इस योजना के तहत देश के करीब 80 करोड़ लोगों को मुफ्त अनाज बांटा गया। आठ करोड़ परिवारों को मुफ्त में गैस सिलेंडर उपलब्ध करवाया गया। देश की जीडीपी का 13 फीसदी है। सरकार ने जल जीवन मिशन के तहत 4,378 शहरी स्थानीय निकायों के लिये 2.87 लाख करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किये जाने की घोषणा की। उन्होंने  लोक सभा में 2021-22 का बजट पेश करते हुए कहा कि अगले पांच साल के दौरान स्वच्छ भारत 2.0 अभियान को लागू किया जायेगा, जिसके लिये 1,41,678 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सुबह सदन की कार्यवाही शुरू करते हुए जैसे ही वित्तमंत्री सीतारमण को वित्त वर्ष 2021-22 का आम बजट पेश करने के लिए पुकारा तो सदन में शोर शराबा आरंभ हो गया। लोकसभा में इस समय वित्तमंत्री का बजट भाषण जारी है। परंपरागत रूप से बजट की प्रतियां वित्त मंत्री के आने से पहले संसद परिसर में लाई जाती हैं, लेकिन इस साल कोविड-19 प्रोटोकॉल के चलते कोई दस्तावेज नहीं छपा है। इसकी जगह बजट की प्रतियां इलेक्ट्रॉनिक रूप से दी जाएंगी। बजट दस्तावेजों को सरकारी वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा और इसके लिए एक खास ऐप भी बनाया गया है। ऑफ-व्हाइट और लाल रंग की रेशमी साड़ी पहने सीतारमण ने बजट भाषण को बहीखाते के रूप में ले जाने की अपनी परंपरा को जारी रखा। इसके लिए उन्होंने लाल रंग के पर्स नुमा बहीखाते का इस्तेमाल किया। वित्तमंत्री  ने आम बजट पेश करते हुए आत्मनिर्भर स्वास्थ्य योजना का एलान किया जिस पर 64,480 करोड़ रुपये खर्च होंगे। उन्होंने कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा से लेकर उच्च स्तर तक की स्वास्थ्य सेवाओं पर यह खर्च किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एक बड़ी चुनौती थी क्योंकि पिछले बजट के समय यह मालूम नहीं था कि वैश्विक अर्थव्यवस्था का आगे क्या हाल रहने वाला है। भारत ने कोरोना महामारी के संकट का मजबूती के साथ सामना किया और आपदा को अवसर में बदला। उन्होंने  देश में विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिये 1.97 लाख करोड़ रुपये के प्रावधान के साथ उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना की भी घोषणा की। यह योजना पांच साल के लिये है और यह चालू वित्त वर्ष से शुरू हो रही है।

सीतारमण ने कहा कि इस प्रोत्साहन योजना के अतिरिक्त एक वृहद निवेश टेक्सटाइल्स पार्क की योजना भी शुरू की जायेगी। उन्होंने कहा कि सरकार 20 हजार करोड़ रुपये के प्रावधान के साथ विकास वित्तीय संस्थान बनाने के लिये एक विधेयक पेश करेगी।  2021-22 में पूंजीगत व्यय को 34.5 प्रतिशत बढ़ाकर 5.5 लाख करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव किया है। चालू वित्त वर्ष के लिये पूंजीगत व्यय को 4.12 लाख करोड़ रुपये के बजट अनुमान से बढ़ाकर 4.39 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया गया है। साथ ही लोकसभा में बजट भाषण के दौरान वित्तमंत्री ने ऐलान किया कि किसानों से एमएसपी पर फसलों की खरीद जारी रहेगी। सीतारमण ने  कहा कि2020-21 में पूंजीगत व्यय तेज किया गया है। हमने पूंजीगत व्यय के लिये 4.12 लाख करोड़ रुपये दिये थे। संसाधनों में कमी के बाद भी हमारा प्रयास रहा कि पूंजीगत व्यय को तेज करें। हम इस वित्त वर्ष में करीब 4.39 लाख करोड़ रुपये खर्च करने वाले हैं। हमने यह 2020-21 के लिये संशोधित बजट में यह प्रावधान किया है। वित्त मंत्री ने अगले वित्त वर्ष के लिये पूंजीगत व्यय को और बढ़ाते हुए 5.54 लाख करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव रखा। यह 2020-21 के 4.12 लाख करोड़ रुपये के बजट अनुमान से 34.5 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने कहा कि इसमें से मैंने 44 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि आर्थिक मामलों के विभाग के लिये अलग रखा है। यह पूंजीगत व्यय के मोर्चे पर बेहतर प्रदर्शन करने वाले और जरूरतमंद विभागों को दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि इस व्यय से ऊपर सरकार राज्यों और स्वायत्त निकायों को व्यय के लिये दो लाख करोड़ रुपये से अधिक देगी। उन्होंने कहा कि हम बुनियादी संरचना के सृजन पर राज्यों को अधिक खर्च करने के लिये प्रेरित करने की विशेष व्यवस्था करने पर भी काम करेंगे।

केंद्रीय बजट में शिक्षा और स्कूलों के लिए कई नए और खास प्रावधान किए गए हैं। संसद में बजट पेश करते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि देशभर में सरकार 100 नए सैनिक स्कूल बनाएगी। इन स्कूलों के निर्माण में प्राइवेट पार्टनर भी सहयोग करेंगे। इसके अलावा उच्च शिक्षा के लिए केंद्र सरकार ने एक नया आयोग भी स्थापित करने का निर्णय लिया है। देश में केंद्रीय विद्यालयों के नेटवर्क में भी विस्तार किया जाएगा। वहीं केंद्रीय विश्वविद्यालयों की पहुंच भी देश के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचाई जाएगी। इसके अंतर्गत केंद्र सरकार ने लेह में भी केंद्रीय विश्वविद्यालय खोलने का निर्णय किया है। केंद्रीय वित्त मंत्री ने बजट पेश करने के दौरान नई शिक्षा नीति का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत की नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को सभी ने स्वीकार किया है। उच्च शिक्षा नीति को अधिक प्रभावी एवं सुलभ बनाने के लिए सरकार एक उच्च शिक्षा कमीशन का गठन करने जा रही है। इसके साथ ही वित्त मंत्री ने कहा कि डिजिटल इंडिया के लिए 3700 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। वित्त मंत्री ने कहा कि 100 नए सैनिक स्कूल बनेंगे। इसके लिए प्राइवेट सेक्टर की मदद ली जाएगी। अर्थात देश में बनने वाले 100 नए सैनिक स्कूलों का निर्माण पीपीपी मॉडल के आधार पर किया जाएगा। वहीं बजट में राष्ट्रीय भाषा को महत्व देते हुए केंद्र सरकार ने देश में एक राष्ट्रीय भाषा अनुवाद मिशन शुरू करने का निर्णय लिया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि 2020-21 के बजट में 6 स्तंभों का प्रस्ताव है। इनमें स्वास्थ्य और कल्याण, भौतिक और वित्तीय पूंजी एवं अवसंरचना, आकांक्षी भारत के लिए समावेशी विकास, मानव पूंजी में नवजीवन का संचार करना, नवप्रवर्तन और अनुसंधान एवं विकास और न्यूनतम सरकार और अधिकतम शासन शामिल है।

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