ग्राम पंचायतबिहार

मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास एवम मुख्यमंत्री वास- स्थलक्रय सहायता योजना का लाभ पहुंच रहा है ग्रामीणों तक: श्रावण कुमार

पटना, (संवाददाता):बिहार सरकार द्वारा वैसे ग्रामीण परिवार जिन्हें इन्दिरा आवास योजना के पूर्व किसी योजना से क्लस्टर (समूहों) में आवास निर्माण कर रहने हेतु उपलब्ध कराया गया था, किन्तु उन आवासों की जीर्ण-शीर्ण अवस्था के कारण वे रहने लायक नहीं रह गए हैं, जिससे कतिपय परिवार या तो उससे आवासित नहीं हैं अथवा कतिपय परिवार मजबूरन असुरक्षित रूप से आवासित हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के दिशा-निर्देंश के आलोक में चूँकि इन परिवारों को पूर्व में आवास उपलब्ध कराया गया है, दोबारा आवास निर्माण सहायता प्रदान नहीं करायी जा सकती है। उनकी दुर्दशा को देखते हुए, उनके आवास संबंधी आवश्यकता एवं ‘सबके लिए घर’ की परिकल्पना साकार करने के लिए अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अत्यन्त पिछड़े वर्ग के वैसे गरीब पात्र ग्रामीण परिवारों को पक्का छतदार मकान उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार ने अपने संसाधन से राज्य प्रायोजित मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना आरंभ की । इस योजना के तहत मुजफ्फरपुर जिले के चमकी बुखार से प्रभावित 5 प्रखण्डों के अलावा आवश्यकता अनुसार राशि उपलब्ध रहने पर अन्य लाभुकों को भी आवास का लाभ दिया जाता है। सभी जिलों में सर्वेक्षण कराकर परिवारों को चिन्हित किया गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की भाँति चिन्हित पात्र परिवारों को आवास निर्माण कराने हेतु 1 लाख 20 हजार रूपये तीन किस्तों में पर प्रदान कराये जाने का प्रावधान किया गया। योजना  का क्रियान्वयन ग्रामीण विकास विभाग के माध्यम से कराया जा रहा है।
ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री  श्रवण कुमार द्वारा बताया गया कि योजना का लाभ ग्रामीण गरीब परिवारों को मिलना शुरू हो गया है। इस योजना के सर्वाधिक लाभ ग्रामीण गरीब महादलित परिवारों को प्राप्त होगा। उन्होंने जानकारी दी कि राज्य में इस योजना के लिए चिन्हित पात्र परिवारों की संख्या-19,823 है जिसमें सर्वाधिक परिवार मधेपुरा जिला में 3,017, गया में 2,153, मुजफ्फरपुर में 2,000, नवादा में 1,862, सहरसा में 1,726 एवं जमुई जिला में 1,596 है। श्री कुमार ने बताया कि इस योजना के तहत अब तक 13,965 पात्र लाभार्थियों को निबंधित किया जा चुका है, जिसमें से उनके आवासों का जियोटैगिंग कराने के उपरान्त 7,063 लाभुकों को आवासों की स्वीकृति देते हुए 6,250 लाभुकों के बचत खाते का सत्यापन भी करा लिया गया है।
मंत्री श्री कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना के लाभुक को भी सहायता राशि उनके खाते में अन्तरित कर दी जा रही है। आवास निर्माण के तीन चरणों – (क) प्लींथ तक निर्माण (ख) लिंटेल छत का निर्माण एवं (ग) छत ढलाई एवं फिनिशिंग कार्य के तीन चरणों में पूर्ण होने पर 40 – 40 हजार कुल 1,20,000 रूपये प्रदान की जाती है। राज्य में अब तक 5218 लाभार्थियों को प्रथम किस्त, 1515 परिवार को द्वितीय किस्त एवं 445 लाभार्थियों को तृतीय किस्त उपलब्ध करा दिया गया है। सभी लाभार्थियों को सहायता राशि का प्रथम किस्त प्राप्त करने के एक वर्ष के भीतर आवास निर्माण पूर्ण करा लेना है। उन्होंने कहा कि अब तक 408 सहायता प्राप्त परिवारों ने अपने आवास का निर्माण पूर्ण करा लिया है।
राज्य के वरिष्ठ मंत्री एवं गरीबों के शुभचिंतक श्री कुमार ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के लाभ से वैसे पात्र परिवार वंचित हो जा रहे थे, जिन्हें मकान बनाने के लिए अपनी भूमि नहीं थी। राज्य सरकार ने ऐसे गरीब परिवारों की चिन्ता करते हुए ‘मुख्यमंत्री वास स्थल क्रय सहायता योजना’ आरंभ की है। इसके तहत प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की पात्रता एवं प्राथमिकता सूची के वैसे लाभुक जिन्हें आवास निर्माण हेतु अपनी वासभूमि नहीं है, को सरकार द्वारा वासभूमि के क्रय में मदद के लिए-60,000 रूपये की राशि प्रदान की जाती है। उन्होंने बताया कि अबतक कराए गए सर्वेक्षण के अनुसार सभी 38 जिलों में कुल मिलाकर 20,000 परिवार चिन्हित किए गए हैं। अब तक 1518 परिवारों ने वास भूमि के लिए आवेदन देकर विहित शर्त्तों पूरी की है जिसका निबंधन कर लिया गया है जिसमें अनुसूचित जाति के 678, अनुसूचित जनजाति के 65 अल्पसंख्यक समुदाय के 173 एवं अन्य श्रेणी के 602 परिवार है। अब तक 923 परिवारों को प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति दी जा चुकी है। शेष 645 परिवारों को शीघ्र ही प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की सहायता राशि उपलब्ध कराने का निदेश दिया गया है। शेष निबंधित परिवारों को भी यथाशीघ्र भूमि क्रय कराकर सहायता राशि उपलब्ध करने के साथ-साथ सभी चिन्हित परिवारों को आच्छादित कराने हेतु जिलों को निदेशित किया गया है।
मंत्री श्री कुमार ने बताया कि अब प्रधानमंत्री की आवास योजना-ग्रामीण के प्रावधान के कारण वैसे गरीब परिवार जिन्हें पूर्व में कलस्टर में आवास उपलब्ध होने के कारण अथवा वैसे पात्र गरीब ग्रामीण परिवार जो स्थायी प्राथमिकता सूची में सम्मिलित हैं परन्तु अपनी वासभूमि नहीं रहने के कारण आवास निर्माण सहायता प्राप्त करने से वंचित हो रहे हैं, उसके लिए राज्य सरकार के प्रयास से आवास निर्माण का अवसर प्राप्त हो रहा है। कोई भी परिवार पक्के आवास से वंचित नहीं रहेगा।

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